Be Satvik, Eat Organic & Live Healthy

We are not just a brand selling its products. We offer a complete 100% pure n ahinsak food range to the world. Any type of killing and harming of plants and animals is strictly prevented in our processes.

Testimonials

  • Healthy products

    Quality is imbibed in our operations that empower a healthy lifestyle. Ikkhu Ras products comes as a healthier substitute to those available in markets. A complete health package is assured from our side.

  • Fast and Fresh Delivery

    We are backed by a robust system that monitors and controls prompt customer service and accurate delivery of every order. We adhere to stringent quality practices.

  • Minerals and Nutrients

    Adding high nutritional value to your diet is our key goal. We constantly work to maintain all the necessary nutrients n minerals in our products for high standard of living.

  • Natural Process

    Each item is prepared naturally with maximum care & inspection; to serve our clients with finest quality pure products. Every process strives to make food production more sustainable & to empower healthy life/ keeping intact the nutritional value.

  • Environment Friendly

    Ikkhu Ras is committed to indigenous food security and non-chemical means of production. Our methods are in sync with the environment's protection and pollution control. Hence 'Going natural' is our motto.

  • 100% Pure and Ahinsak:

    We are not just a brand selling its products. We offer a complete 100% pure n ahinsak food range to the world. Any type of killing and harming of plants and animals is strictly prevented in our processes.

Jivani is a process to purify the water that is fetched by the well without killing any microorganisms. We filter the water through a cloth that is thick enough that no sunlight can pass through. We take the filtered water and remove all the impurities and microorganisms in it and put that water into the well again so that no micro-organisms are killed through this process. All the water used in the process of jiwani is fetched from the well, so no machine is used to fetch the water. This whole process is a non-violent practice which is mentioned in Jainism.

*जैन व्रती अहारशाला में बना भोजन दुनिया का श्रेष्ठतम भोजन है**

जैन दर्शन में व्रती अहारशाला को एक प्रयोग शाला के रूप में वर्णित किया गया है जिसका मुख्य उद्देश्य ऐसे भोजन का निर्माण करना है जो मर्यादित हो ,शुद्ध हो,सात्विक हो ,स्वास्थ्य वर्धक हो और मन मस्तिष्क को ऊर्जावान रखने में सहायक हो।इस आहार शाला के तो मजबूत स्तम्भ है व्रती श्रावक और श्राविका ,जो भोजन सामग्री की सभी मर्यादाओं का ध्यान रखकर भोजन तैयार करते हैं जिससे वो जैन मुनियों को ऐसा प्रासुक और शुद्ध आहार दान देकर उनके तप में सहायक बनते हैं।

*आखिर क्या है ये भोजन की मर्यादा का अर्थ??*

जी हाँ, आप बिलकुल सही समझे हैं।मर्यादा यानी limitation।जैसा कि हम सब जानते हैं कि विज्ञान में, बाजार के अंदर मिलने वाले सभी प्रकार की खाद्य पदार्थो को ग्रहण करने की एक निश्चित समय सीमा बताई जाती है जिसे हम Expiry date कहते है,यह expiry date ही भोजन की मर्यादा है जो यह निर्धारित करती है कि वस्तु कितने समय के बाद खराब हो जाएगी और खाने योग्य नही रहेगी।विज्ञान के अनुसार जब किसी भी खाद्य पदार्थ का सम्पर्क वायु,जल ,नमीं ,अथवा वातावरण में घुले हुए अति सूक्ष्म जीवों से होता है तो एक समय सीमा के बाद वह वस्तु सड़ी हुई,दुर्गन्धित एवम स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है। जैन दर्शन में इस समय सीमा को ही मर्यादा कहा गया है ।आधुनिक विज्ञान में तो वस्तु की एक बार expiry date निर्धारित होने के बाद उस समय तक पैकेट बंद चीजो को सुरक्षित माना जाता है परन्तु जैन दर्शन इससे कहीं अधिक सूक्ष्मता से इस विज्ञान को जानता है और मानता है।जैन दर्शन में मौसम और एक निश्चित कालावधि के अनुसार वस्तुओं की मर्यादा में भी अंतर होता है।यही कारण है कि जैन दर्शन में पैकेट बंद वस्तुओं को खाने का और पैकेट बंद पेय पदार्थों को ग्रहण करने का निषेध है क्योंकि वह कैंसर जैसे घातक रोगों का कारण है।

जैन दर्शन मे अन्तर्मुहूर्त यदि 48 मिनट कालावधि का बहुत महत्व माना जाता है।
जैन दर्शन के अनुसार कुएँ से पानी निकालकर छानने के पश्चात और गाय आदि का दूध निकालने के पश्चात 48 मिनट की अधिकतम सीमा अवधि के अंदर चूल्हे पर रखकर गर्म कर लेना अथवा उबाल लेना चाहिए क्योंकि उसके पश्चात उनसे अनन्त सूक्ष्म जीवों की उत्पत्ति हो जाती है और वह पुनः अमर्यादित हो जाता है।दूध से बने अन्य उत्पाद जैसे घी ,पनीर आदि भी इस मर्यादित दूध के द्वारा ही तैयार किये जाते हैं।
उसी प्रकार अन्य सभी खाद्य पदार्थ जैसे आटा, दालें ,मसाले आदि की भी मौसम के अनुसार अपनी अपनी मर्यादाएं जैन दर्शन में बहुत सूक्ष्मता से बताई गई हैं।इनका पूर्ण रूप से पालन कर मर्यादित भोजन करने वाले जैन मुनि व्रती श्रावक एवं श्राविकाएं होती हैं जो इस शुद्ध भोजन को ही ग्रहण करते हैं।सभी वस्तुओं को प्रासुक जल से शुद्ध करना और मर्यादा अनुसार इस्तेमाल करना एक बहुत बड़ा विज्ञान है।

जैन दर्शन की इस भोजन पद्धति को विश्व के सभी देशों ने माना है ।जो लोग यह बात जानते है कि जैन दर्शन की व्रती अहारशाला में बना भोजन संसार में श्रेष्ठतम भोजन है ,वह चाहे व्रती हो या अव्रती ,जैन अव्रती ग्रहस्थ हो अथवा किसी अन्य सम्प्रदाय से हो ,सभी इस व्रती अहारशाला के उत्तम भोजन सामग्री को अपना करके अपने स्वास्थ्य पर ओर अपने जीवन पर बहुत बड़ा उपकार कर रहे हैं।


**इक्खुरस अहारशाला का प्रयोजन**

आज के आधुनिक भाग दौड़ में जहां आहार शाला के योग्य प्रामाणिक एवं शुद्ध ,मर्यादित खाद्य सामग्री कहि भी आसानी से प्राप्त नही हो पाती ,साथ ही आज जहां हम इस वैज्ञानिक जैन पद्धति को अपनाना भी चाहे तो इस लिए नही अपना पाते क्योंकि या तो हमारे पास इतना समय नही होता अथवा हमारे घर इतने विशाल नही होते की हम इन सब खाद्य सामग्री को घर मे शुद्ध करके ,सुखाकर इस्तेमाल कर सके।

ऐसे में इक्खुरस की भावना हुई कि कुछ ऐसा किया जाए कि पूरे विश्व मे कोई कही से भी इन उत्तम ,शुद्ध ,मर्यादित वस्तुओं को खरीदना ओर इस्तेमाल करना चाहे चाहे वह कोई अव्रती श्रावक हो अथवा व्रती श्रावक अथवा वह किसी मुनिराज को आहार दान करना चाहे अथवा यह सामग्री किसी त्यागी व्रती अथवा मुनियों के लिए दान स्वरूप देना चाहे ,अथवा वह कोई इस प्रकार के उत्तम भोजन को ग्रहण करने की सोच वाले अजैन बंधु ही क्यों न हो,सबको एक ऐसा plateform मिल जाये कि सभी उसपर आकर घर बैठे बैठे यह शुद्ध समान का लाभ उठा सकें।यह शुद्ध खाद्य सामग्री हमारे और आपके शारीरिक,मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति में सहायक बनेगी ।
दुनिया के किसी भी कोने से कोई भी व्यक्ति यह
वस्तुएं खरीदकर अपने जीवन को समृद्ध बना सकता है।

It depend on products.

kkhu Ras Shudh Chauka Ghee is made from pure buffalo milk. At Ikkhu Ras, we follow the traditional ghee-making process to make pure and authentic ghee. The superior quality milk obtained is churned into cream within 30 minutes of milking the buffalo. The cream is then set to boil and ghee is prepared within 48 minutes. It is ensured that milk is boiled before the growth of micro-organisms. We offer you ghee that is free of potentially unhealthy additives & preservatives. Which adds to the shelf life of ghee making it suitable for consumption by JAIN VRATIS.

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